8 मई 2020 - 14:55
फ़्रांस में कोरोना के ज़ीरो पेशेंट ने सुनाई आपबीतीः बुख़ार आया, फिर सीने में दर्द, फिर मुंख से ख़ून आने लगा!

फ़्रांस में कोरोना वायरस के ज़ीरो पेशेंट के रूप में जाने जाने वाले अमीरोश हामार ने इस बीमारी का अपना अनुभव बयान किया है।

फ़्रांस के लोबारीज़ियान अख़बार में पत्रकार कैरोलीन बीकिए ने अपनी रिपोर्ट में ज़ीरो पेशेंट की आपबीती बयान की है। रिपोर्ट के अनुसार मछलियों के व्यापारी हामार को जो 53 साल के हैं बोन्डी में इब्ने सीना अस्पताल में होने वाली जांच के बाद अब पता चला कि वह कोरोना के ज़ीरो पेशेंट थे।

गत दिसम्बर महीने में हामार को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और वहां दूसरी बार कोरोना वायरस का टेस्ट हुआ तो साबित हुआ कि वह संक्रमित हो गए हैं। हामार का कहना है कि दुनिया भर में कोरोना से मरने वालों वालों की तसवीरें मेरी आंख के सामने आ गईं।

अमीरूश हामार का कहना है कि मेरे चार बच्चे हैं, बीस दिसम्बर को मुझे सूखी खांसी आने लगी। इसके चार पांच दिन बाद मुझे बहुत तेज़ बुख़ार हो गया। शुरू में मुझे लगा कि इनफ़्लुएंज़ा हो गया है लेकिन जब बुख़ार कम नहीं हुआ और सीने में जलन और दर्द शुरू हो गया तो 26 दिसम्बर की शाम को मैं अस्पताल में एडमिट हो गया। अगले दिन मेरे थूक के साथ ख़ून आने लगा तो मुझे आईसीयू में ले जाया गया और वेंटीलेटर लगाना पड़ा।

उस हालत में मुझे देखकर मेरी पत्नी बहुत डर गई और मुझे उस समय लगा कि अब आख़िरी वक़्त आ गया है। डाक्टर काफ़ी परेशान हो गए थे और उन्होंने बताया कि फेफड़ों में इन्फ़ेक्शन काफ़ी बढ़ गया है।

हामार को इस बात पर ताज्जुब है कि उन्होंने हालिया समय में कहीं कोई यात्रा नहीं की लेकिन यह याद है कि उनकी पत्नी को तीन दिन तक सूखी खांसी आकर ठीक हो गई थी। हामार की पत्नी एक सुपर मार्केट में मछलियां बेचती हैं और उनसे बहुत से विदेशी भी मछलियां ख़रीदते हैं।

दो बच्चों को भी संक्रमण हुआ लेकिन वह ज़्यादा गंभीर नहीं था बल्कि बच्चों की हालत जल्दी ही ठीक हो गई। हामार भी धीरे धीरे ठीक हो गए।

अब अस्पताल में उन 14 बीमारों के बारे में जांच चल रही है जो दिसम्बर महीने में भर्ती हुए थे। इन बीमारों से लिए गए सेंपल संभाल कर रखे गए थे और अब उनकी जांच से पता चला कि हामार उस समय कोरोना पाज़िटिव थे यानी फ़्रांस में कोरोना के पहले तीन बीमारों का पता चलने से एक महीना पहले हामार के अंदर कोरोना का संक्रमण मौजूद था।

स्रोतः फ़्रांसीसी मीडिया+अलजज़ीरा